मनन और चुप्पी: अस्तित्व का आधार

मनन और खामोशी आधुनिक समय की व्यस्तता में अक्सर भूल कर दिए जाते हैं, लेकिन ये सच में जिंदगी के जड़ हैं। इसका देह और मन को सुकून प्रदान करता है। निरंतर मनन से बौद्धिक कोलाहल घटता है और चुप्पी हमें अपने स्वर को भांपने का अवसर देता है। इस कारण ध्यान और मौन को अपने जीवन का अंग बनाना महत्वपूर्ण है।

read more